आदेश आदेश गुरु जी को आदेश :
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जवाला माता को आदेश आदेश :-
रींगस वाले भैरव बाबा को आदेश :-
भैरव हमारे ईस्ट देव है जैसे आपको पता ही है। ..
आज मैं आपको जो साधना देने जा रहा हु वो साधना अचूक साधना म से एक है ,
आप इसका इस्तेमाल गलती से गलत काम क लिए करे वरना उसका दुर प्रभाव आप पे हे पड़ेगा। .. मैं आप सभी के भले के लिए हे दे रहा हु। ....
Ø जो लोग बोलते है ना हमारे बोहोत शत्रु है। .. वो हमपे बोहोत से तांत्रिक vidiya करते है। ..
हमारे घर मैं हमेशा लड़ाई झगडे होते रहते है। ..
कोई साथ नहीं देता है। .....
इसलिए मैंने सोचा क्यों ना मैं आपको इस साधना क बारे म बता दू। ... मेरा बस इत्तना कहना मान लो जैसे जैसे म बोलता हु वैसा वैसा कर लो तो आप तो आपकी पूरी family पे कभी भी किसी प्रकार कोई दिक्क्त नहीं होगी यह मेरी गेरेंटी है। ......
इस तंत्र के परियोग से आपके शत्रु नहीं रहेंगे। .... इसका मतलब यह नहीं है की म जो तंत्र आपको बता रहा हु उससे शत्रु की मिर्तु हो जायेगी नहीं बिलकुल नहीं। .... आपके शत्रु दुवारा किया जाने वाला तंत्र या जो तंत्र आप पे हो चूका हो वो हमेशा हमेशा क लिए हट जाएगा। ....
भैरव को अस्टमुर्ती कहा जाता है उसमे से एक है आकाश भैरव है।... इनको समशान रुद्र भैरव भी खा जाता है... अगनि रुद्र भैरव है। ... महाभैरव है कई नाम है। ...
तो विष्णु जी के बोहोत अवतार हुए है। . लेकिन शिव जी के अवतार में से एक है भैरव जी , फिर भैरव जी ने बोहोत से अवतार लिए उनमे से एक है। .. आकाश भैरव। ..
तो आपने कहानी सुनी होगी की जब प्रलाद को बचने के लिए विष्णु जी ने अवतार लिया था तब उसने क्रोध शांत नहीं हो रहा था तब भैरव बाबा ने आकाश भैरव का रुप लिया था उनका क्रोध शांत करने क लिए। ... उन्ही आकाश भैरव जी की आपको साधना देने जा रहा हु। .. इस साधना से क्या होगा की आप के शत्रु का नाश होगा और उनका दमन होगा यानी वो आप के सामने हार जायगे। .. आप पे किसी भी प्रकार की तांत्ररिक विधया करने से पहले लाखो बार सोचेगे। ....
देखिये करना क्या होगा अमावष्या क दिन सुरु करना है और इसको कंटिन्यू करना है नो ( ९ )( 9) रात तक फिर आ रुकेंगे। .. फिर आप सुरु करेंगे पूर्णिमा की रात से फिर आप ले जायगे अमावष्या की रात तक फिर ( 15 ) दिन का गैप देना है फिर 15
-15 दिन आपको करते रेहना है जब तक आप क शत्रु का पूरी तरह से नाश न हो जाये
...
एक बात और जब आप साधना काल में नहीं है तब भी आप रोज 1 -1 माला जाप करे। ....
तो इस साधना को करने क लिए जो सामग्री चाहिए। .... एक तो भैरव तंत्र में जो सामग्री लगती है वो -एक छोटी मछली लगती है। . फिर भैरव यंत्र बना लगे फिर एक तरफ दही डालेंगे तला हुआ उड़द डालेंगे बिच में एक दिपक रखेंगे एक तरफ दही बड़ा रखयेगे। . और उसके बाद उसके सामने एक चमेली का दिपक जलादे। ...
बाबा को खीर का भोग देंगे दही बड़े का भोग तो यंत्र क साथ लग जाता है लकिन आप खीर का भोग लगाना मत भूलना। ..
तो जो मंत्र म आपको दे रहा हु इसका जाप सात बार करना है :--
ॐ खीम खाम ख़म फट पारण घरसी हुम् फट सर्वशत्रु सैग हारकाये सरभा लुवाये पक्छी राजये हुम् फट सुवहा। . ठीक है तो आप इस मंत्र को रोज सात माला जाप करेंगे जब आप साधना काल में है तब। ..जब साधना काल में न हो तब आप रोज आप एक माला जाप करेंगे। ....
वो जो आपको गैप पे आपको साधनए करनी है वो आपको मैक्सिमम ५ (5 ) बार रिपीट क्र सकते है उससे ज्यादा आप इसका परियोग नहीं कर सकते है फिर उसके बाद एक माला जाप भी रुक जायगा। .. तब तक आपके शत्रु का नाश हो जाएगा फिर आपको आपने शत्रु से मुक्ति मिल जायेगी। ...
यह सब करने कके बाद हवन करेंगे :--
कैसे करेंगे हवन एक ढाई फिट का गडडा खोदेंगे गोल ठीक है और उसमे हवन समिधा डालेंगे हवन समिधा जो होगा वो बेल की लकड़ियों से होगा। ....
तो बेल की लकडिया डाली तो उसके बाद तिल और गूगल मिला कर हवन करेंगे बाबा का दशांश। ..... दशांश पूरा करना है आपको ठीक है तो यह होगया आप के शत्रु का नाश का विधिया



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